Dwarka Expressway Connectivity : दादी सती चौक पर 58 करोड़ से बनेगा फ्लाईओवर और अंडरपास, जाने पूरा प्लॉन
जीएमडीए अधिकारियों के अनुसार, इस चौराहे पर दो स्तरों पर काम होगा। द्वारका एक्सप्रेसवे से मानेसर की ओर जाने वाले वाहनों के लिए 3-3 लेन का फ्लाईओवर बनेगा।

Dwarka Expressway Connectivity : सेक्टर 85-86 और 89-90 के संगम यानी दादी सती चौक पर यातायात की समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (GMDA) ने एक महायोजना तैयार की है। अब इस व्यस्त चौराहे पर केवल फ्लाईओवर ही नहीं, बल्कि एक अंडरपास भी बनाया जाएगा। यह निर्णय शहरी विकास के प्रधान सलाहकार डीएस ढेसी की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में लिया गया।
जीएमडीए अधिकारियों के अनुसार, इस चौराहे पर दो स्तरों पर काम होगा। द्वारका एक्सप्रेसवे से मानेसर की ओर जाने वाले वाहनों के लिए 3-3 लेन का फ्लाईओवर बनेगा। दिल्ली-जयपुर हाईवे (रामपुरा चौक) से हयातपुर की ओर जाने वाले मार्ग पर 3-3 लेन का अंडरपास तैयार किया जाएगा। फ्लाईओवर के दोनों ओर दो-दो लेन की अतिरिक्त सड़कें और सर्विस लेन भी बनाई जाएंगी ताकि स्थानीय निवासियों को असुविधा न हो।

बैठक के दौरान सलाहकार डीएस ढेसी ने परियोजना में हो रही देरी पर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने याद दिलाया कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता वाली बैठक में इस प्रोजेक्ट को करीब डेढ़ साल पहले ही हरी झंडी मिल चुकी थी। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि अगले दो से तीन दिनों में नया डिजाइन फाइनल कर आगामी 15 दिनों के भीतर टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी जाए।
क्यों जरूरी है यह प्रोजेक्ट? > सर्वे के अनुसार, द्वारका एक्सप्रेसवे से मानेसर के बीच प्रतिदिन लगभग 9,700 वाहनों का दबाव रहता है। वर्तमान में सुबह और शाम के पीक आवर्स में वाहन चालकों को यहाँ 15 से 20 मिनट तक जाम में फंसना पड़ता है। 58 करोड़ की इस परियोजना से हजारों लोगों का समय बचेगा।
एचएसवीपी प्रशासक वैशाली सिंह ने बताया कि ग्रेटर एसपीआर के लिए जमीन अधिग्रहण हेतु धारा-6 का नोटिस जारी हो चुका है। जल्द ही मुआवजा देकर जमीन का कब्जा लिया जाएगा। मेट्रो रेल कॉरिडोर के लिए अंतिम सर्वे चल रहा है। एचएसवीपी को निर्देश दिए गए हैं कि मेट्रो रूट में आने वाली जमीन को जल्द जीएमआरएल (GMRL) को सौंपें। इन सेक्टरों को विभाजित करने वाली मुख्य सड़क का 31 करोड़ का टेंडर जारी हो चुका है, जो 5 फरवरी को खुलेगा।
प्रधान सलाहकार ने पानी और सीवर लाइन के बार-बार क्षतिग्रस्त होने पर चिंता जताई। उन्होंने निर्देश दिए कि इसके लिए एक विशेष नीति बनाई जाए ताकि सूचना मिलते ही या अधिकतम अगले दिन तक मरम्मत का काम शुरू हो सके।











